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बच्चो को दूध पिलाने के लिए अपनाए ये तरीके शोक से पिय्गा पूरा दूध!

अक्सर घरों में आपने अभिभावकों को बच्चों को दूध से भरा गिलास पिलाने के लिए जद्दोजहद करते हुए देखा होगा. दूध के नाम पर बच्चों को नाक एवं भौंह सिकोड़ते हुए भी देखा होगा. ऐसे में आपके मन में यह सवाल जरूर उठा होगा कि क्या बिना दूध पिलाए बच्चों का शारीरिक विकास रुक जाता है? दूध प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स है. इसमें कैल्शियम और विटामिन डी के अलावा भी दूसरी पौष्टिक चीजें होती हैं. लेकिन जरूरत से ज्यादा दूध आपके बच्चे को नुकसान भी पहुंचा सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो अधिक दूध पीने से बच्चों में मोटापा बढ़ सकता है और वे एनीमिया के शिकार भी हो सकते हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना की आहर एवं पौषण विशेषज्ञ एमी लानौ कहती हैं कि स्तनपान की आदत छूटने के बाद कई बच्चे दूध पीना पसंद नहीं करते हैं. ऐसे में जरूरी नहीं है कि उनमें पौषण तत्वों की कमी हो जाए.

आपने सुना होगा कि दूध में मौजूद कैल्शियम बच्चों के शरीर के लिए फायदेमंद होता है. इससे उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं. दूध में विटामिन डी होता है जो धूप में बच्चों की त्वचा के लिए लाभकारी होता है. विटामिन डी की कमी से त्वचा का सुस्क हो जाती हैं और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. दूध में प्रोटीन और कैलोरीज की भी भरपूर मात्रा होती है जो कि बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी है. ये सारी बातें एकदम सही हैं. दूध बच्चों के शारीरिक विकास के लिए सबसे फायदेमंद है. लेकिन ऐसा कतई नहीं है कि कैल्शियम सिर्फ दूध में ही होता है. यह दूसरे कई चीजें जैसे की ड्राई फ्रूट्स, बीन्स और हरी सब्जियों में भी होता है. इसी तरह, विटामिन डी भी दूध के अलावा मछली और अंडे में भी होता है. अगर आपका बच्चा दूध पसंद नहीं करता है आप उसके आहार में इन चीजों को शामिल करते हैं तो भी स्वस्थ और पौषण से भरपूर रहेगा.

दूध पीने से बच्चों की हड्डियां मजबूत होती हैं. इस अवधारणा पर एक शोध ने सवाल उठाए हैं. यह शोध 2013 में हुआ है. शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि दूध की कम खपत वाले देशों के बच्चों में ज्यादा खपत वाले देशों के बच्चों के मुकाबले हड्डियों की कमजोरी के मामले कम आए हैं. एमी लानौ भी कहती हैं कि यह अवधारणा अब पुरानी हो गई है कि बच्चों की हड्डियों के लिए कैल्शियम की उच्च मात्रा बेहद जरूरी है. वह कहती हैं कि सिर्फ कैल्शियम से ही बच्चों की हड्डियां मजबूत नहीं होती हैं.

एमी के मुताबिक, बच्चों की हड्डियां एक्सरसाइज एवं दूसरी शारीरिक गतिविधियों से भी मजबूत होती हैं. उनका कहना है कि हड्डियों की मजबूती में दूध से ज्यादा बच्चों की शारीरिक गतिविधी महत्वपूर्ण होती हैं. अगर आप अपने बच्चों की हड्डियों का विकास चाहते हैं तो उन्हें जमकर खेल-कूद करने दें और अगर उन्हें दूध पसंद नहीं है तो जबरदस्ती न पिलाएं.

दूध में कैल्शियम पाया जाता है. अगर ज्यादा दूध पिया गया तो इससे शरीर में लोहे के अवशोषण कम हो सकता है. यानी की ज्यादा दूध पीने से बच्चों को एनीमिया की भी शियाकत हो सकती है. एनीमिया कम होने का मतलब है कि बच्चों के शरीर में खून की कमी हो सकती है.

इसी तरह दूध में कैलोरी की मात्रा होती है और बच्चों को ज्यादा दूध पिलाया गया तो उनमें मोटापे की शिकायत हो सकती है.

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