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डायट और एक्सर्साइज के साथ-साथ सेक्स से ऐसे बढ़ाएं फर्टिलिटी

Baby belly

नई दिल्ली: आपकी फर्टिलिटी को मेडिटेरेनियन डायट 70 फीसदी तक बढ़ा सकती है, जिन लोगों की उम्मीदें खो चुकी थी, अब उनके वापिस जागने वक्त आया है।

लेकिन अगर आप इसको फॉलो नहीं कर सकते तो फर्टिलिटी बढ़ाने के आपके लिए कुछ टिप्स यहां हैं…

सेक्स पॉजिशन
फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट एमा कैनन बताती हैं, कंसीव करने के लिए अगर बेस्ट सेक्स पोजिशन की बात की जाए तो मिशनरी (निचले हिस्से पर कुशन के साथ) पोजिशन को सबसे अच्छा माना जाता है।

लूब्रिकेंट के मामले में बरतें सावधानी
फार्मसिस्ट लॉरा कहती हैं, ‘लूब्रिकेंट के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह ले लें क्योंकि कई लूब्रिकेंट्स में स्पर्मीसाइड होते हैं जिससे प्रेग्नेंसी प्रभावित हो सकती है।’

खाएं ऐसा खाना
आयरन रिच फूड सॉर्स जिसमें लिवर, रेड मीट और फिश फर्टिलिटी बढ़ाने वाले हैं। अगर आप शाकाहारी हैं तो आयरन सप्लिमेंट ले सकते हैं। आयरन की कमी से ऑव्यूलेशन में दिक्कत आ सकती है। शाकाहारी लोगों को खासतौर पर आयरन का ध्यान रखना चाहिए।

एक्सर्साइज भी करें
जो महिलाएं घर के काम या हल्की-फुल्की एक्सर्साइज करती हैं आईवीएफ के दौरान ऐसी महिलाओं में कंसीव करने की प्रवृत्ति तीन गुना ज्यादा देखी गई है। एक्सर्साइज शरीर को ज्यादा इंसुलिन बनाने से रोकता है। माना जाता है कि ज्यादा इंसुलिन हेल्थी एग्स बनने से रोकता है। हालांकि ज्यादा एक्सर्साइज नहीं करनी चाहिए वर्ना दिमाग को स्ट्रेस के सिग्नल्स मिलते हैं जिससे रिप्रडक्टिव ऑर्गन्स कुछ समय के लिए शट डाउन हो जाते हैं। बेहतर होगा योग, स्विमिंग वगैरह करें।

खाएं ज्यादा से ज्यादा मछली
स्पर्म की मोबिलिटी के लिए ओमेगा 3 काफी जरूरी फैट है। फीमेल हॉर्मोन बैलेंस के लिए भी यह काफी जरूरी है। शरीर ओमेगा-3 फैट नहीं बना पाता इसलिए इसे बाहरी सॉर्स से लेना जरूरी है। मछली इसका सबसे अच्छा सॉर्स है। वहीं स्पर्म की हेल्थ के लिए जिंक भी जरूरी है जो शेलफिश और ऑइस्टर से मिलता है।

लें ऐक्यूपंक्चर की मदद
ऐक्यूपंक्चर ऑव्यूलेशन कंट्रोल करने में मदद करता है और इससे गर्भाशय में रक्त संचार बढ़ता है। इससे गर्भधारण के चांस बढ़ जाते हैं।

न खाएं दर्द की दवा
पैरासेटामॉल और ब्रूफेन जैसी दवाएं अगर ऑव्यूलेशन के वक्त ली जाएं तो इनके साइडइफेक्ट हो सकते हैं।

हर तीन दिन में करें सेक्स
सैंड्रा गुडविन बताती हैं, ‘कई महिलाएं फिक्स समय पर ऑव्यूलेट नहीं करतीं इसलिए आप जिस वक्त समझ रही हैं कि ऑव्यूलेशन हो रहा है उस वक्त हो सकता है कि देर हो चुकी हो।’ तीन दिन में सेक्स करते रहने से सही वक्त की चिंता भी नहीं रहती और फ्रेश स्पर्म भी बनते रहते हैं।

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