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इस तरह से पैंक्रियाटिक कैंसर के खतरे को करें कम..

खराब आहार स्तन कैंसर, अग्नाशयी, गर्भाश्य, त्वचा, प्रोस्टेट, आंत और एसोफेगस कैंसर समेत अन्य तरह के कैंसर का अधिक जोखिम बढ़ाता है.. कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के द्वारा डॉक्‍टर अग्‍नाशय कैंसर का इलाज करते हैं. लेकिन क्या हो कि आप अपने खाने से जुड़ी आदतों में कुछ बदलाव करें और कैंसर के खतरे को कम कर सकें. जी हां, यह सच है. अगर आप अपने आहार में कुछ सेहतमंद बदलाव करते हैं, तो अग्नाशय या पैंक्रियाटिक कैंसर के खतरे को काफी कम कर सकते हैं-

पैंक्रियाटिक कैंसर से बचाव के फूड 

1. ब्रोकली: पैनक्रीएटिक कैंसर की रोकथाम के लिए ब्रोकोली को अच्छा माना जाता है. ब्रोकली में फायटोकेमिकल होता है जो कैंसर टिशूज से फाइट करने में मददगार होता है. ब्रोकली एक बहुत अच्छा एंटी ऑक्सीडेंट साबित होती है और इसके साथ ही साथ यह ब्लड प्यूरिफाई करने में भी मददगार है.

2. जिनसेंग: जड़ी बूटियां हमेशा ही सेहत के अच्छी बताई जाती हैं. इन्हीं में से एक है जिनसेंग. जिनसेंग काफी फायदेमंद साबि‍त होता है. इसके सेवन से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. हालांकि यह जड़ी बूटी पुरुषों के लिए कई शीघ्रपतन जैसी समस्याओं को दूर करने के लि‍ए काफी प्रचलित है. असल में जिनसेंग एक बूटी है. बहुत ही पुराने समय से इसका इस्तेमाल पारंपरिक चीनी (Chinese) चिकित्सा में होता आ रहा है. जिनसेंग में कई औषधीय गुण हैं. जि‍नके चलते अब यह पश्चिमी देशों में भी लोकप्र‍िय हो गई है. यह टेस्‍टोस्‍टेरोन (Testosterone) को बढ़ावा देता है. जिनसेंग को कैंसर के इलाज में भी कारगर माना जाता है.
3. अंगूर: पैंक्रियाटिक कैंसर के खतरे को अगर कम करना चाहते हैं तो अपने आहार में अंगूर शामिल करें. इस छोटे से फल में भरपूर मात्रा में पोरंथोसाईंनिडींस पाया जाता है. पोरंथोसाईंनिडींस से शरीर में एस्ट्रोजेन बनता है जो पैंक्रियाटिक और फेफड़ों के कैंसर के खतरे को भी कम करता है.

4. ग्रीन टी: अगर आप रोज एक कप ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो अग्‍नाशय कैंसर का खतरा कम होता है.

5. जूस : अगर आप आहार में ताजा फल, फलों का जूस शामिल करते हैं तो यह कैंसर के खतरे को कम करता है.

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